NCR संवाद : राज्य कर विभाग ने शनिवार को जीएसटी सुविधा केंद्र की स्थापना कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे फर्जी पंजीयन पर रोक लगेगी। इस केंद्र पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा।
अपर आयुक्त मानवेन्द्र प्रताप सिंह (राज्य कर जोन-प्रथम) और भूपेन्द्र शुक्ला (राज्य कर जोन-द्वितीय) ने केंद्र का उद्घाटन किया। इस सुविधा केंद्र में छह काउंटर (कियोस्क) बनाए गए हैं, जहां आवेदक अपने बायोमेट्रिक प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही जीएसटी पंजीयन प्राप्त कर सकेंगे।
कैसे रुकेगा फर्जीवाड़ा: जीएसटी के तहत फर्जी पंजीयन और दस्तावेजों के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। इस समस्या को रोकने के लिए सरकार ने अब बायोमेट्रिक प्रक्रिया को अनिवार्य बना दिया है। पंजीयन से पहले आवेदक की असली पहचान सुनिश्चित होगी। फर्जी कंपनियों और दस्तावेजों के दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा। राजस्व क्षति रुकेगी और सरकारी खजाने को फायदा होगा। व्यापारियों को एक सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी प्रक्रिया मिलेगी।
गुजरात के बाद गाजियाबाद में शुरू हुई नई व्यवस्था: भारत में सबसे पहले गुजरात में जीएसटी सुविधा केंद्र शरू किए गए थे। अब इस मॉडल को गाजियाबाद सहित अन्य राज्यों में लागू किया जा रहा है। संयुक्त आयुक्त विवेकानंद शुक्ला को गाजियाबाद में जीएसटी सुविधा केंद्र का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
राजस्व में होगी बढ़ोतरी: राज्य कर विभाग का मानना है कि फर्जी जीएसटी पंजीयन की वजह से सरकार को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ता था। अब बायोमेट्रिक प्रक्रिया लागू होने से फर्जी पंजीकरण पर पूरी तरह रोक लगेगी, जिससे सरकारी राजस्व में तेजी से बढ़ोतरी होगी। अपर आयुक्त भूपेन्द्र शुक्ला ने कहा कि अब जीएसटी पंजीयन पूरी तरह सुरक्षित होगा। इससे सरकार को राजस्व की क्षति नहीं होगी और व्यापार जगत में भी पारदर्शिता बढ़ेगी। इस मौके पर संयुक्त आयुक्त जिलाजीत सिंह, श्रीराम गोंड आदि मौजूद रहे।