PGICH नोएडा में फाउंडेशन डे पर विशेषज्ञों का संदेश
NCR संवाद: पी०जी०आई०सी०एच, नोएडा के हृदय विज्ञान विभाग (कार्डियोलॉजी एवं कार्डियक सर्जरी) ने अपने प्रथम फाउंडेशन डे को एक खास अंदाज में मनाया। इस अवसर को "जन जागरूकता कार्यक्रम" के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों, रोगियों और उनके परिवारजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
संस्थान की उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. (डॉ.) ए.के. सिंह (संस्थान के निदेशक) के उद्घाटन संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह संस्थान ने कम समय में कई जटिल हृदय शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और कैसे यह विभाग आने वाले वर्षों में और भी अत्याधुनिक सेवाएं प्रदान करेगा।
स्वागत भाषण और जागरूकता सत्र
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मुकेश कुमावत (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने विभाग की यात्रा और इसकी सफलता की कहानियों को साझा किया। इसके बाद डॉ. अनुज कुमार शर्मा (असिस्टेंट प्रोफेसर, कार्डियोलॉजी) ने जन्मजात हृदय रोग पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि जन्म से ही मौजूद हृदय रोगों की पहचान कैसे की जाए, उनके लक्षण क्या होते हैं और कैसे सही समय पर इलाज कराकर बच्चों को एक स्वस्थ जीवन दिया जा सकता है।
जब मरीजों और उनके माता-पिता ने साझा किए संघर्ष और सफलता के किस्से
इस आयोजन का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वे बच्चे और उनके माता-पिता मंच पर आए, जिनकी हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक हुई थी। माता-पिता ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और बताया कि किस तरह उन्होंने अपने बच्चों को जीवनदान देने के लिए कठिनाइयों का सामना किया। वहीं, सफल ऑपरेशन के बाद पूरी तरह स्वस्थ हुए बच्चे अपनी नई जिंदगी की खुशी को साझा करते दिखे।
सफल मरीजों का सम्मान और बच्चों के चेहरे पर मुस्कान
कार्यक्रम में उन बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने हृदय रोग को मात दी है। उन्हें उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया, जिससे उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। इस छोटे से प्रयास ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें प्रेरित किया कि वे केवल अपने परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक मिसाल हैं। कार्यक्रम के समापन के बाद, मरीजों ने अपने फॉलो-अप OPD में भाग लिया, जहां डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य का निरीक्षण किया और भविष्य में आवश्यक देखभाल के सुझाव दिए।