NCR संवाद: राजनीति में ऐसा उलटफेर कम ही देखने को मिलता है कि जो नेता दो साल पहले मेयर बनने से रह गईं, वो आज पूरी दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं। जी हां, भाजपा की रेखा गुप्ता, जिन्हें 2023 में दिल्ली नगर निगम के मेयर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था, आज दिल्ली की नौंवी और भाजपा शासित राज्यों में पहली महिला मुख्यमंत्री की शपथ लेंगी।
फरवरी 2023: जब मेयर पद फिसल गया था हाथ से: 22 फरवरी 2023 को दिल्ली में मेयर पद का चुनाव हुआ था। भाजपा ने उस समय अपनी दिग्गज पार्षद रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा था, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) की शैली ओबेरॉय से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह हार भाजपा के लिए किसी झटके से कम नहीं थी, क्योंकि पार्टी को उम्मीद थी कि MCD चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली शैली ओबेरॉय को रेखा गुप्ता कड़ी टक्कर देंगी, लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था।
फरवरी 2025: जब किस्मत ने खेल दिखाया!: कौन जानता था कि ठीक दो साल बाद फरवरी के ही महीने में रेखा गुप्ता की राजनीतिक किस्मत पूरी तरह बदल जाएगी। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने शालीमार बाग सीट से जीत हासिल कर पहली बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया और 19 जनवरी 2025 को भाजपा ने उन्हें दिल्ली की कमान सौंपने का ऐलान कर दिया।
मेयर की कुर्सी हाथ से गई, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गईं: राजनीति में ऐसे कम ही मौके आते हैं, जब किसी नेता का करियर इतनी तेजी से ऊपर जाए। दो साल पहले जब रेखा गुप्ता मेयर की कुर्सी नहीं जीत पाई थीं, तो बहुतों ने सोचा होगा कि उनका राजनीतिक करियर ठहर जाएगा। लेकिन रेखा गुप्ता ने हार को अपनी ताकत बनाया। भाजपा ने उन्हें इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपकर दिल्ली की राजनीति में बड़ा दांव खेल दिया।
रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर: छात्र राजनीति से CM तक
- जन्म और शिक्षा: रेखा गुप्ता का जन्म 19 जुलाई 1974 को हरियाणा के जींद जिले के नंदगढ़ गांव में हुआ। दो साल की उम्र में उनका परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया।
- छात्र राजनीति: 1992 में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से राजनीति में कदम रखा। 1996-97 में वह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की अध्यक्ष बनीं।
- भाजपा संगठन में कार्यकाल: 2003-04 में वह भाजपा युवा मोर्चा की दिल्ली अध्यक्ष बनीं और 2004-06 तक भाजपा की राष्ट्रीय सचिव रहीं।
- नगर निगम में पकड़: 2007 और 2012 में उत्तरी पीतमपुरा से पार्षद चुनी गईं।
- महिला मोर्चा में सक्रियता: भाजपा महिला मोर्चा की महासचिव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी रहीं।
- 2023 में मेयर पद की दौड़ में हार: एमसीडी चुनाव में शैली ओबेरॉय से हार का सामना करना पड़ा।
- 2025 में विधायक और मुख्यमंत्री: शालीमार बाग सीट से पहली बार विधायक बनीं और भाजपा ने उन्हें दिल्ली का मुख्यमंत्री बना दिया।
डूसू से मुख्यमंत्री तक रेखा गुप्ता ने रचा इतिहास: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) से निकली रेखा गुप्ता ने राजनीति में नया इतिहास रच दिया है। 1995 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से महासचिव चुनी गईं रेखा अब मुख्यमंत्री बनने वाली पहली DUSU नेता बन गई हैं। DUSU, जिसे राजनीति की पहली पाठशाला कहा जाता है, वहां से अरुण जेटली, अजय माकन, विजय गोयल जैसे कई दिग्गज नेता निकले हैं जिन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
‘27 साल बाद दिल्ली में CM, 7 सांसद, 48 विधायकों के साथ BJP की वापसी’
दिल्ली में 27 साल बाद BJP की सत्ता में वापसी ऐतिहासिक और भव्य होगी। रामलीला मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। माना जा रहा है कि 1 लाख समर्थक इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। विशाल जनसैलाब के लिए मैदान को 20 ब्लॉकों में बांटा गया है, जहां 50,000 लोग अंदर और 50,000 बाहर रहेंगे।
दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री: इतिहास में चौथा नाम
- सुषमा स्वराज (1998): बीजेपी से दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री, लेकिन उनका कार्यकाल मात्र 52 दिनों का रहा।
- शीला दीक्षित (1998-2013): कांग्रेस की ओर से दिल्ली की सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाली नेता।
- आतिशी (सितंबर 2024-फरवरी 2025): आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।
- रेखा गुप्ता (20 फरवरी 2025 से): भाजपा शासित राज्यों में पहली महिला मुख्यमंत्री के तौर पर संभालेंगी दिल्ली की कमान।
अब तक दिल्ली के मुख्यमंत्री