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जागरुकता की कमी से बढ़ रहे कैंसर पीड़ित बाल रोगी

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नोएडा के चाइल्ड पीजीआई में कैंसर जागरुकता माह के तहत चलाया जा रहा विशेष अ​भियान

एनसीआर संवाद

नोएडा। व्यस्क ही नहीं बल्कि बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बाल्यवस्था कैंसर (Childhood Cancer) पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2023 में 180 कैंसर पीड़ित बच्चों का नोएडा के चाइल्ड पीजीआई में पंजीकरण हुआ था, जबकि इस साल सितंबर तक यह आंकड़ा 140 तक पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को  बाल्यवस्था कैंसर जागरुकता माह (Childhood Cancer Awareness Month) के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया ताकि इस बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाई जा सके।

चाइल्ड पीजीआई में एडोब और डॉक्टर्स4यू के सहयोग से बाल्यवस्था कैंसर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कैंसर सर्वाइवर 60 लोगों और वर्तमान में इलाज करा रहे 20 बच्चों ने भाग लिया। पीजीआई के निदेशक प्रो. एके सिंह ने उन सभी का धन्यवाद किया जिन्होंने चाइल्ड पीजीआई में कैंसर के इलाज के लिए बीएमटी इकाई को विकसित करने में मदद की। हिमेटो-ऑनोक्लॉजी विभाग ने रक्त रोगों और कैंसर से पीड़ित बच्चों के अ​भिभावकों के लिए एक यू-ट्यूब चैनल विकसित किया है, जिसकी औपचारिक घोषणा कार्यक्रम के दौरान की गई। इस चैनल के माध्यम से बाल्यवस्था कैंसर से बचाव, इलाज के दौरान और इलाज के उपरांत बरती जाने वाली सावधानियों सहित कई तहर की अहम जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान म्यूजिक फैक्ट्री के वॉलेंटियर्स ने वि​भिन्न गतिवि​धियों के माध्यम से बच्चों का मनोरंज किया।

चाइल्ड पीजीआई की एचओडी पीडियाट्रिक (हिमेटो-ऑनोक्लॉजी) डॉ. नीता राधाकृष्णन ने बताया कि कैंसर बच्चों में होने वाली आम बीमारी नहीं है। भारत में हर साल लगभग एक लाख बच्चे कैंसर से प्रभावित होने का अनुमान है। यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश में सालाना 15 हजार होने का अनुमान है। इसकी बड़ी वजह जागरुकता की कमी से समय पर इलाज नहीं मिल पाना है। बच्चों में 80 प्रतिशत कैंसर ल्यूकेमिया के होते हैं, जो कि एक प्रकार का ब्लड कैंसर है। इसके अतिरिक्त लिंफोमा, किडनी आदि के कैंसर होते हैं। हम लगातार अध्ययन कर रहे हैं। बच्चों का उपचार बीच में न छोड़ा जाए, इसके लिए अ​भिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।

बच्चों में कैंसर के लक्षण : शरीर के किसी भी हिस्से में असामान्य गांठ या सूजन का रहना, बच्चे का रंग पीला या सफेद पड़ रहा हो, मलमूत्र में खून आना, हड्डियों में दर्द, असामान्य रूप से वजन कम होना, लंबे समय तक बुखार, पेट का फूलना, आंख में सफेद प्रतिक्षेप, सिरदर्द (विशेषकर सुबह, उल्टी के साथ) आदि।