NCR संवाद: भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र अब नए युग में प्रवेश करने को तैयार है। बजट 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने, मेडिकल छात्रों को नए अवसर देने और आम जनता के इलाज को सस्ता बनाने के लिए कई घोषणाएं की हैं। फेलिक्स हॉस्पिटल नोएडा के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह बजट भारत को ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा। खासतौर पर कैंसर मरीजों, मेडिकल छात्रों और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत: इलाज होगा आसान और सस्ता
अब कैंसर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने देशभर के 200 जिला अस्पतालों में कैंसर डे-केयर सेंटर खोलने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि मरीजों को अपने ही जिले में बेहतरीन इलाज मिल सकेगा। सिर्फ इतना ही नहीं, सरकार ने कैंसर की 36 महत्वपूर्ण दवाइयों को शुल्क मुक्त कर दिया है, जिससे उनकी कीमतों में भारी कमी आएगी। साथ ही, 6 अन्य गंभीर बीमारियों की दवाओं पर भी टैक्स में छूट मिलेगी। इससे लाखों मरीजों को सीधा फायदा होगा और उनके इलाज का खर्च कम होगा।
मेडिकल छात्रों को तोहफा: 10,000 नई सीटें, भविष्य होगा उज्जवल
मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए यह बजट खुशखबरी लेकर आया है। सरकार अगले साल देशभर में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ेगी। इससे डॉक्टरों की संख्या में इजाफा होगा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। 2014 से अब तक 1.1 लाख मेडिकल स्नातक और स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाई जा चुकी हैं। नए बजट में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया गया है, जिससे ज्यादा छात्रों को डॉक्टर बनने का मौका मिलेगा और ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
हेल्थ बजट में 11% की बढ़ोतरी: अब इलाज होगा पहले से बेहतर
सरकार ने इस बार 98,311 करोड़ रुपये का हेल्थ बजट पेश किया है, जो पिछले साल की तुलना में 11% अधिक है। हालांकि, स्वास्थ्य बजट को जीडीपी के 5% तक बढ़ाने की जरूरत है, ताकि बढ़ती जनसंख्या और बुजुर्गों की चिकित्सा जरूरतों को पूरा किया जा सके। वर्तमान में भारत जीडीपी का केवल 2.5% हेल्थकेयर पर खर्च कर रहा है, जो कि विकसित देशों की तुलना में काफी कम है।
दवाइयां और मेडिकल उपकरण होंगे सस्ते, इलाज का खर्च घटेगा
इस बजट में सरकार ने मरीजों और अस्पतालों को राहत देने के लिए दवाइयों और मेडिकल उपकरणों पर टैक्स में छूट देने का फैसला किया है। इसका मतलब यह है कि कई महत्वपूर्ण दवाइयां और इलाज के लिए जरूरी उपकरण अब किफायती कीमत पर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, आयुष्मान योजना के लिए 9,406 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 4,200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ती और मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
भारत बनेगा ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म हब, विदेशियों को मिलेगा सस्ता इलाज!
सरकार ने इस बजट में भारत को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। अब भारत में इलाज कराने आने वाले विदेशी नागरिकों को आसान वीजा प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। इससे विदेशी मरीज कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाला इलाज पा सकेंगे और भारत की चिकित्सा सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
डिजिटल हेल्थ और टेलीमेडिसिन को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए सरकार टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत कर रही है। इससे मरीज बिना लंबी यात्रा किए ही ऑनलाइन डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे और समय पर इलाज पा सकेंगे।